भारत की सोलर इंडस्ट्री के लिए यह एक ऐतिहासिक पल है, जब पहली बार किसी भारतीय कंपनी ने ग्लोबल सोलर मैन्युफैक्चरिंग रैंकिंग में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। Wood Mackenzie की Global Solar Module Manufacturer Ranking में Adani Solar ने टॉप 10 में जगह बनाकर यह साबित कर दिया है कि भारत अब सिर्फ सोलर एनर्जी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक मजबूत निर्माता भी बन चुका है। यह उपलब्धि न केवल Adani Solar के लिए, बल्कि पूरे देश की क्लीन एनर्जी यात्रा के लिए गर्व की बात है।

Wood Mackenzie रैंकिंग में Adani Solar की बड़ी उपलब्धि
Wood Mackenzie की इस प्रतिष्ठित रिपोर्ट में क्रिस्टलाइन सिलिकॉन सोलर मॉड्यूल बनाने वाली दुनिया की 38 कंपनियों का मूल्यांकन किया गया। इस रैंकिंग में JA Solar और Trina Solar ने क्रमशः 91.7 और 91.6 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि Adani Solar ने आठवां स्थान प्राप्त कर भारत का नाम रोशन किया। खास बात यह है कि Adani Solar इस सूची में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय कंपनी है, जिसे Grade A क्लासिफिकेशन भी मिला है।
Adani Solar की यह रेटिंग उसकी तकनीकी क्षमता, मजबूत सप्लाई चेन, वर्टिकल इंटीग्रेशन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस जैसे कई अहम मानकों पर शानदार प्रदर्शन को दर्शाती है। जहां आज भी टॉप 10 में ज्यादातर चीनी कंपनियों का दबदबा है, वहीं भारत, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और अमेरिका जैसी नई एंट्री यह दिखाती है कि ग्लोबल सोलर मार्केट अब तेजी से विविध हो रही है।
वैश्विक सोलर बाजार में बदलता समीकरण
Wood Mackenzie की रिपोर्ट के अनुसार 2025 की पहली छमाही में टॉप 10 सोलर मैन्युफैक्चरर्स को कुल मिलाकर करीब 2.2 बिलियन डॉलर का नेट लॉस हुआ। इसका मुख्य कारण सोलर मॉड्यूल की कीमतों में भारी गिरावट रही, जिसने बड़ी-बड़ी कंपनियों को भी प्रभावित किया। इसके बावजूद, यह दिलचस्प तथ्य सामने आया कि टॉप 10 में शामिल सभी गैर-चीनी कंपनियां मुनाफे में रहीं, क्योंकि उन्होंने प्रीमियम और संरक्षित बाजारों पर फोकस किया।
इन कंपनियों की औसत उत्पादन क्षमता उपयोग दर 70 प्रतिशत रही, जबकि वैश्विक औसत केवल 43 प्रतिशत थी। Adani Solar और DMEGC Solar जैसी कंपनियों ने तो 100 प्रतिशत यूटिलाइजेशन रेट बनाए रखा, जो उनकी मजबूत योजना और बाजार की समझ को दर्शाता है। टॉप 10 कंपनियों ने मिलकर 224 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल की शिपमेंट की जो वैश्विक शिपमेंट का करीब 75 प्रतिशत है।
भारत की सोलर मैन्युफैक्चरिंग को मिली नई पहचान
Adani Solar की यह सफलता ऐसे समय पर आई है, जब भारत की सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 2014 के 2.5 गीगावॉट से बढ़कर 2025 में 140 गीगावॉट से ज्यादा हो चुकी है। Adani Solar अब तक 15,000 मेगावॉट से अधिक सोलर मॉड्यूल की शिपमेंट कर चुका है, जिसमें से 10,000 मेगावॉट भारत में और 5,000 मेगावॉट विदेशों में लगाए गए हैं। करीब 70 प्रतिशत मॉड्यूल भारत में ही बनी इन-हाउस सोलर सेल्स से तैयार किए गए हैं, जो “मेक इन इंडिया” को मजबूती देता है।
इसके साथ ही, कंपनी 8,000 से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार और हजारों अप्रत्यक्ष ग्रीन जॉब्स भी पैदा कर चुकी है। भारत पहले ही अपने पेरिस समझौते के लक्ष्यों को समय से पहले पूरा कर चुका है और 2030 तक 500 गीगावॉट नॉन-फॉसिल एनर्जी क्षमता के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में Global Solar Ranking में Adani Solar की एंट्री भारत को सोलर पावरहाउस बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होती है।
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