भारत में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसी कड़ी में Waaree Renewable Technologies Ltd. ने एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाने की तैयारी कर ली है। कंपनी महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में 120 मेगावॉट क्षमता का एक विशाल सोलर पार्क विकसित करने जा रही है। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ Waaree के लिए बल्कि पूरे भारतीय सोलर सेक्टर के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। इस योजना के तहत कंपनी करोड़ों रुपये का निवेश करेगी और FY27 तक इसे पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे Waaree की पहचान केवल EPC कंपनी तक सीमित न रहकर एक मजबूत पावर एसेट ओनर के रूप में भी स्थापित हो सके।

महाराष्ट्र में 120MW सोलर पार्क: निवेश, जमीन और क्षमता की पूरी तस्वीर
Waaree Renewable का यह प्रस्तावित सोलर पार्क 120 MWp क्षमता का होगा और इसके लिए लगभग 360 एकड़ जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 360 करोड़ से 420 करोड़ रुपये तक का पूंजीगत निवेश किया जाएगा। कंपनी के CFO मन्मोहन शर्मा के अनुसार, प्रति मेगावॉट लागत लगभग 3 करोड़ से 3.5 करोड़ रुपये के बीच आ सकती है, जिसमें जमीन अधिग्रहण, सोलर मॉड्यूल, बैलेंस ऑफ सिस्टम, ट्रांसमिशन और ग्रिड कनेक्टिविटी जैसी सभी अहम लागतें शामिल होंगी।
यह सोलर पार्क महाराष्ट्र जैसे औद्योगिक और कृषि प्रधान राज्य में स्थापित होने जा रहा है, जहां स्वच्छ ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। इस प्रोजेक्ट से न केवल ग्रीन पावर का उत्पादन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
IPP मॉडल पर फोकस: EPC से एसेट ओनर बनने की रणनीति
अब तक Waaree Renewable की पहचान मुख्य रूप से EPC यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए रही है, लेकिन बुलढाणा सोलर पार्क को Independent Power Producer यानी IPP मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसका मतलब है कि कंपनी खुद इस पावर प्लांट की मालिक होगी और लंबे समय तक इससे बिजली बेचकर स्थिर आय अर्जित करेगी।
यह रणनीति Waaree के लिए बेहद अहम है क्योंकि इससे कंपनी का रेवेन्यू मॉडल ज्यादा संतुलित और टिकाऊ बनेगा। EPC प्रोजेक्ट्स जहां शॉर्ट टर्म कमाई पर निर्भर होते हैं, वहीं IPP प्रोजेक्ट्स लंबी अवधि में लगातार कैश फ्लो देते हैं। Waaree का यह कदम दिखाता है कि कंपनी अब केवल प्रोजेक्ट बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि रिन्यूएबल एनर्जी एसेट्स का मजबूत पोर्टफोलियो खड़ा करना चाहती है।
FY27 तक गेम-चेंजर प्लान और भविष्य की तैयारी
Waaree Renewable का लक्ष्य है कि यह 120MW सोलर पार्क FY27 तक पूरी तरह तैयार हो जाए। इस प्रोजेक्ट की फंडिंग इंटरनल एक्रूअल्स और कर्ज के मिश्रण से की जाएगी, हालांकि फाइनल फाइनेंस स्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के आगे बढ़ने के साथ तय होगा। कंपनी बाजार की स्थितियों और फाइनेंशियल असेसमेंट के आधार पर निवेश से जुड़े अंतिम फैसले लेगी।
इसके साथ ही Waaree बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम यानी BESS से जुड़े EPC अवसरों पर भी नजर बनाए हुए है, जो भविष्य में सोलर पावर को और अधिक विश्वसनीय बना सकते हैं। कुल मिलाकर, बुलढाणा का यह सोलर पार्क Waaree के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जो कंपनी को भारत के टॉप रिन्यूएबल एनर्जी प्लेयर्स में और मजबूत स्थिति दिलाएगा, साथ ही देश के ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों को हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
यह भी पढ़े – 👉 TATA 1kw Solar System से घर में क्या क्या चला सकते है? 1kw Solar Panels for Home



