भारत में सोलर एनर्जी सेक्टर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और इसी कड़ी में Waaree Energies ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसने पूरे उद्योग का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। देश की दिग्गज सोलर कंपनी Waaree अब भारत की सबसे बड़ी ALMM-अप्रूव्ड सोलर मॉड्यूल निर्माता बन चुकी है। कंपनी की कुल सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता भारत में 20 GW के आंकड़े को पार कर 20.17 GW तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि न केवल Waaree के लिए, बल्कि भारत के रिन्यूएबल एनर्जी मिशन के लिए भी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

ALMM लिस्ट में Waaree की मजबूत एंट्री, Chikhli प्लांट बना गेमचेंजर
Waaree Energies का गुजरात के चिखली में स्थित अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अब नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की Approved List of Models and Manufacturers यानी ALMM में आधिकारिक रूप से शामिल हो गया है। इस प्लांट को 16.444 GW की अप्रूव्ड क्षमता मिली है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इसी के साथ Indosolar को मिलाकर Waaree की कुल सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता भारत में 20.17 GW तक पहुंच गई है।
ALMM लिस्ट में शामिल होना इसलिए भी अहम है क्योंकि सरकारी और कई बड़े प्राइवेट सोलर प्रोजेक्ट्स में केवल ALMM-अप्रूव्ड मॉड्यूल्स का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में Waaree की यह उपलब्धि कंपनी को बड़े सोलर टेंडर्स में मजबूत बढ़त दिलाने वाली साबित होगी।
TOPCon और HJT मॉड्यूल्स को मिली मंजूरी, टेक्नोलॉजी में बड़ा कदम
ALMM की अपडेटेड लिस्ट में Waaree के हाई-एफिशिएंसी सोलर मॉड्यूल्स को भी शामिल किया गया है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। चिखली प्लांट से बने G12R TOPCon, G12 TOPCon और G12 HJT जैसे एडवांस्ड मॉड्यूल्स को अब आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। ये मॉड्यूल्स ज्यादा एफिशिएंसी, बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी लाइफ के लिए जाने जाते हैं।
Waaree Group के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुनील राठी के मुताबिक, TOPCon और HJT जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी को ALMM में शामिल किया जाना डेवलपर्स और पॉलिसीमेकर्स के लिए सप्लाई चेन पर भरोसा मजबूत करता है। साथ ही, यह बदलती हुई सोलर प्रोजेक्ट जरूरतों को पूरा करने में भी Waaree को एक मजबूत स्थिति में खड़ा करता है।
भारत से दुनिया तक Waaree का विस्तार, ग्रीन एनर्जी में बड़ी भूमिका
मुंबई मुख्यालय वाली Waaree Energies आज केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा चुकी है। कंपनी की कुल सोलर पीवी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता दुनियाभर में 22.77 GW है, जिसमें 20.17 GW भारत में और 2.6 GW अमेरिका में शामिल है। इसके अलावा Waaree के पास 5.4 GW की सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता भी है। Waaree आज 25 से ज्यादा देशों में अपने सोलर प्रोडक्ट्स और सेवाएं दे रही है।
कंपनी का पोर्टफोलियो केवल सोलर पैनल और इन्वर्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें EPC सर्विसेज, ग्रीन हाइड्रोजन सॉल्यूशंस, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि Waaree की यह उपलब्धि भारत को ग्लोबल सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है और आने वाले समय में इसका असर देश की ऊर्जा सुरक्षा और हरित भविष्य पर साफ दिखाई देगा।



