भारत की clean energy journey में एक और ऐतिहासिक पड़ाव जुड़ गया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के तहत देशभर में rooftop solar लगाने वाले घरों की संख्या 25 लाख को पार कर चुकी है। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के visionary leadership का परिणाम बताया। उनके मुताबिक, इस योजना से लाखों परिवारों को cleaner power मिल रही है और उनके बिजली बिल में भी बड़ी राहत आई है।

देशभर में Rooftop Solar की तेज़ रफ्तार
PM Surya Ghar योजना फरवरी 2024 में लॉन्च की गई थी और इसका मकसद FY 2026-27 तक देश के 1 करोड़ घरों में rooftop solar system लगाना है। इसके लिए सरकार ने ₹75,021 करोड़ का बड़ा बजट तय किया है। योजना के तहत अभी तक 7,075.78 MW से अधिक rooftop solar capacity install की जा चुकी है, जो भारत के distributed solar model को मज़बूत बना रही है। मंत्री प्रल्हाद जोशी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि 25 लाख घरों तक सोलर पहुंचना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि sustainable future की दिशा में बड़ा कदम है, जहां बिजली सस्ती, साफ और भरोसेमंद हो रही है।
₹78,000 तक की सब्सिडी से आम लोगों को राहत
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है direct subsidy, जो आम उपभोक्ताओं को rooftop solar अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। Ministry of New and Renewable Energy के अनुसार, पात्र उपभोक्ताओं को ₹78,000 तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे शुरुआती लागत काफी कम हो जाती है। 1 kW से लेकर 3 kW तक के solar plant पर अलग-अलग slab के अनुसार subsidy मिलती है। यही वजह है कि मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवार भी अब अपने घर की छत पर solar panels लगवाने में रुचि दिखा रहे हैं। कई राज्यों से रिपोर्ट आ रही है कि सोलर लगने के बाद घरों के बिजली बिल शून्य या बेहद कम हो गए हैं।
कैसे करें आवेदन और कौन उठा सकता है फायदा
PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana एक demand-driven scheme है, यानी इसमें वही लोग आवेदन कर सकते हैं जिनके घर पर grid-connected बिजली कनेक्शन है। देश के सभी residential consumers इसके लिए eligible हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह online है और इसके लिए सरकार ने एक national portal लॉन्च किया है, जहां उपभोक्ता आसानी से registration कर सकते हैं। portal पर DISCOM approval से लेकर subsidy release तक की पूरी प्रक्रिया transparent रखी गई है। सरकार का मानना है कि rooftop solar न सिर्फ बिजली बिल कम करेगा, बल्कि peak demand के समय grid पर दबाव भी घटाएगा और carbon emissions में भी बड़ी कटौती करेगा।



