अमेरिका में Adani को बड़ा झटका! TOPCon टेक्नोलॉजी केस में First Solar की जीत, पेटेंट रिव्यू याचिका खारिज

अमेरिका में सोलर टेक्नोलॉजी को लेकर चल रही एक अहम कानूनी लड़ाई में Adani Group को बड़ा झटका लगा है, जब अमेरिकी पेटेंट अथॉरिटी USPTO ने First Solar के पक्ष में फैसला सुनाया। इस फैसले में Adani Group की यूनिट Mundra Solar द्वारा दायर की गई TOPCon टेक्नोलॉजी से जुड़ी पेटेंट रिव्यू याचिका को खारिज कर दिया गया है। यह याचिका inter partes review यानी IPR प्रक्रिया के तहत दाखिल की गई थी, जिसका मकसद First Solar के TOPCon पेटेंट को अमान्य कराना था। 

First Solar beats Adani in the TOPCon technology race

SPTO ने साफ कहा कि Mundra Solar जरूरी कानूनी मानक पूरा नहीं कर पाई और यह साबित नहीं कर सकी कि उसके पास केस जीतने की उचित संभावना है। इस फैसले के बाद First Solar के पेटेंट अब पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में आ गए हैं, जिससे Adani Group की अमेरिकी बाजार में रणनीति पर सीधा असर पड़ता दिख रहा है।

TOPCon टेक्नोलॉजी और कानूनी टकराव की पूरी कहानी

TOPCon यानी Tunnel Oxide Passivated Contact टेक्नोलॉजी को सोलर इंडस्ट्री में अगली पीढ़ी की सेल आर्किटेक्चर माना जाता है, जो पारंपरिक PERC टेक्नोलॉजी की तुलना में ज्यादा एफिशिएंसी और बेहतर परफॉर्मेंस देती है। First Solar का दावा है कि उसके पास इस टेक्नोलॉजी से जुड़े अहम पेटेंट हैं, जिन्हें उसने 2013 में TetraSun Inc. के अधिग्रहण के जरिए हासिल किया था। 

ये पेटेंट 2015 और 2017 में जारी हुए थे, यानी Mundra Solar की याचिका से कई साल पहले। USPTO ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता यह दिखाने में नाकाम रहे कि पेटेंट के किसी भी दावे पर उनकी जीत की उचित संभावना है। खास बात यह भी है कि Mundra Solar के साथ-साथ JinkoSolar और Canadian Solar की ओर से दायर की गई समान याचिकाओं को भी USPTO ने खारिज कर दिया, जिससे First Solar की कानूनी स्थिति और मजबूत हो गई है।

अमेरिकी बाजार, आर्थिक आंकड़े और आगे की चुनौती

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब Mundra Solar अपना एक्सपोर्ट-फोकस्ड सोलर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस तेजी से बढ़ा रही है और इसका बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार पर निर्भर है। कंपनी 2 GW की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी चलाती है, जो खासतौर पर हाई-एफिशिएंसी TOPCon मॉड्यूल बनाती है। हालांकि, First Solar ने Delaware कोर्ट में Mundra Solar PV Ltd के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा भी दायर कर रखा है, जिसमें कथित तौर पर दो पेटेंटेड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। First Solar ने हर्जाने की मांग की है, हालांकि रकम सार्वजनिक नहीं की गई है। वहीं Mundra Solar का तर्क है कि उसकी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया अलग है और खासतौर पर हीट ट्रीटमेंट स्टेज पर कई तकनीकी भिन्नताएं हैं। 

आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो मार्च 2025 तक Mundra Solar ने 3,880 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि FY25 में कंपनी का कुल रेवेन्यू बढ़कर 6,352.6 करोड़ रुपये हो गया और नेट प्रॉफिट 1,085 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके बावजूद, USPTO का यह फैसला और अमेरिका में चल रहा मुकदमा Adani Group के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। फिलहाल Adani Group की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह साफ है कि यह कानूनी लड़ाई आने वाले समय में सोलर इंडस्ट्री की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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