भारत में बढ़ते बिजली बिल हर घर की चिंता रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार की PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana ने इस तस्वीर को तेजी से बदलना शुरू कर दिया है। फरवरी 2024 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक देशभर में 20.85 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे 26 लाख से अधिक परिवारों को सीधा फायदा मिला है। यह योजना न सिर्फ बिजली खर्च कम कर रही है, बल्कि भारत को स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा की ओर भी ले जा रही है।

PM Surya Ghar योजना क्या है और इसका उद्देश्य क्या है
PM Surya Ghar योजना एक डिमांड-ड्रिवन स्कीम है, यानी इसमें देश का कोई भी ग्रिड-कनेक्टेड घरेलू बिजली उपभोक्ता आवेदन कर सकता है। आवेदन की प्रक्रिया नेशनल पोर्टल के जरिए पूरी तरह डिजिटल रखी गई है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। इस योजना का मुख्य उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली बिल को कम करना, रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देना और देश की डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी क्षमता को मजबूत करना है। सरकार इस योजना के जरिए आम नागरिक को ऊर्जा उत्पादक बनाना चाहती है, न कि सिर्फ उपभोक्ता।
₹14,771 करोड़ की सब्सिडी से कैसे बदली तस्वीर
31 दिसंबर 2025 तक केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत ₹14,771.82 करोड़ की केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) जारी की है। इस सब्सिडी की वजह से लाखों परिवारों के लिए रूफटॉप सोलर लगवाना आसान हो गया है। सोलर सिस्टम लगने के बाद कई घरों का बिजली बिल शून्य के करीब पहुंच गया है, जबकि कुछ परिवार अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर रहे हैं। यही कारण है कि PM Surya Ghar योजना को भारत की सबसे प्रभावी घरेलू सोलर योजनाओं में गिना जा रहा है।
गुजरात और महाराष्ट्र क्यों बने टॉप परफॉर्मर
इस योजना में राज्यों की भागीदारी भी काफी अहम रही है। गुजरात सबसे आगे निकलकर सामने आया है, जहां 5.15 लाख इंस्टॉलेशन हुए और 7.42 लाख परिवारों को लाभ मिला। वहीं महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर रहा, जहां 3.92 लाख सोलर सिस्टम लगाए गए। इन राज्यों में जागरूकता, बेहतर डिस्कॉम सपोर्ट और तेज इंस्टॉलेशन प्रक्रिया ने योजना को सफल बनाया। नीचे प्रमुख राज्यों का संक्षिप्त डेटा दिया गया है:
| राज्य | इंस्टॉलेशन (लाख में) | प्राप्त CFA (₹ करोड़) |
| गुजरात | 5.15 | 3,845.60 |
| महाराष्ट्र | 3.92 | 2,787.59 |
| उत्तर प्रदेश | 3.26 | 2,234.63 |
| केरल | 1.77 | 1,275.36 |
| राजस्थान | 1.19 | 823.12 |
| आंध्र प्रदेश | 0.85 | 562.14 |
| मध्य प्रदेश | 0.84 | 601.00 |
| तमिलनाडु | 0.51 | 353.34 |
पर्यावरण और भविष्य की ऊर्जा पर बड़ा असर
PM Surya Ghar योजना का असर सिर्फ बिजली बिल तक सीमित नहीं है। सरकार के अनुमान के मुताबिक, यदि एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगते हैं तो 1,000 बिलियन यूनिट रिन्यूएबल बिजली का उत्पादन होगा। इससे अगले 25 वर्षों में लगभग 720 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन कम किया जा सकेगा। शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में सोलर की बढ़ती पहुंच यह दिखाती है कि लोग अब स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने के लिए तैयार हैं। आने वाले वर्षों में यह योजना भारत की ऊर्जा नीति, उत्सर्जन कटौती और आम नागरिक की बचत तीनों के लिए एक मजबूत स्तंभ साबित होने वाली है।
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