पतंजलि आज सिर्फ आयुर्वेद और FMCG ब्रांड ही नहीं, बल्कि renewable energy सेक्टर में भी तेजी से पहचान बना चुका है। पतंजलि ने सोलर एनर्जी से जुड़े प्रोडक्ट्स पर काम कई साल पहले शुरू किया था, जब देश में स्वदेशी और किफायती ऊर्जा समाधानों की जरूरत महसूस की जा रही थी। योग गुरु बाबा रामदेव की सोच के अनुसार पतंजलि का फोकस हमेशा सस्ती, भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने वाली तकनीक पर रहा है, इसी वजह से पतंजलि के सोलर पैनल और सिस्टम आज ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लोकप्रिय हो रहे हैं। अब पतंजलि का 1 kW ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम चर्चा में है, क्योंकि केंद्र सरकार की PM-SuryaGhar योजना के साथ मिलकर इसकी कीमत आम लोगों के बजट में आ जाती है और यही वजह है कि लोग इसे तेजी से अपनाने लगे हैं।

पतंजलि 1kW ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम की कीमत और सब्सिडी का गणित
आमतौर पर बाजार में 1 kW ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम की कीमत ब्रांड, पैनल की क्वालिटी और इंस्टॉलेशन चार्ज के अनुसार अलग-अलग होती है, लेकिन 2026 में Solar Panel पर GST में कटोती के कारण इस सिस्टम की कुल लागत लगभग ₹45,000 के आसपास हो गई है। अगर आप इस सिस्टम को PM-SuryaGhar योजना के तहत लगाते हैं तो केंद्र सरकार की ओर से 1 kW पर ₹30,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है।
इस सब्सिडी के बाद ग्राहक को अपनी जेब से केवल लगभग ₹15,000 का भुगतान करना पड़ता है जो अपने आप में एक बड़ी राहत है। यही कारण है कि यह दावा लोगों को आकर्षित कर रहा है कि अब मात्र ₹15,000 में घर पर सोलर सिस्टम लगाया जा सकता है। हालांकि यह समझना जरूरी है कि वास्तविक कीमत आपके राज्य, डिस्कॉम और चुने गए वेंडर पर निर्भर कर सकती है, इसलिए अंतिम फैसला लेने से पहले सही जानकारी लेना जरूरी होता है।
ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम कैसे देता है 25 साल तक फायदा
पतंजलि का यह 1 kW सिस्टम On-Grid कैटेगरी में आता है, जिसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें बैटरी की जरूरत नहीं होती है। दिन के समय जब सोलर पैनल ज्यादा बिजली बनाते हैं तो आपकी जरूरत से ज्यादा यूनिटें सीधे ग्रिड में चली जाती हैं। रात में या बादल वाले मौसम में जब पैनल बिजली नहीं बनाते है तब आप ग्रिड से ही बिजली इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया को नेट-मीटरिंग कहा जाता है, जिसमें एक बाय-डायरेक्शनल मीटर आपकी खपत और ग्रिड में भेजी गई बिजली दोनों को रिकॉर्ड करता है। इसके आधार पर आपके बिजली बिल में क्रेडिट या कटौती होती है जिससे लंबे समय तक बिजली का खर्च बेहद कम हो जाता है। सोलर पैनल आमतौर पर 25 साल या उससे ज्यादा समय तक काम करते हैं, इसलिए एक बार लगाया गया सिस्टम दशकों तक फ्री बिजली का फायदा देता है।
PM-SuryaGhar योजना में आवेदन प्रक्रिया और जरूरी सावधानियां
PM-SuryaGhar योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले राष्ट्रीय पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है, जहां राज्य, जिला और अपने डिस्कॉम का चयन किया जाता है। इसके बाद कंज्यूमर नंबर डालकर आवेदन पूरा किया जाता है और पोर्टल पर ही वेंडर का चुनाव भी किया जा सकता है। डिस्कॉम की ओर से feasibility चेक, नेट-मीटरिंग की अनुमति और इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
आवेदन के लिए आधार कार्ड, हालिया बिजली बिल, घर या छत के स्वामित्व का प्रमाण, बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक और फोटो जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं। ध्यान रखें कि पतंजलि का 1 kW सिस्टम ₹15,000 में मिलने का दावा सब्सिडी पर आधारित है, इसलिए खरीदने से पहले PM-SuryaGhar पोर्टल और किसी प्रमाणित वेंडर से पूरी लागत और प्रक्रिया की पुष्टि जरूर कर लें ताकि आपको भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।
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