भारत में बिजली की बढ़ती कीमतों और लगातार पावर कट की समस्या के बीच Rooftop Solar तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। खासकर On-Grid Solar System उन घरों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है, जहां दिन में अच्छी धूप मिलती है और ग्रिड कनेक्शन पहले से मौजूद है। Loom Solar का 2kW On-Grid सोलर सिस्टम इसी कैटेगरी में आता है, जो कम लागत, ज्यादा सेविंग और सरकारी सब्सिडी के कारण मिडिल क्लास परिवारों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है।

On-Grid Solar System क्या होता है और यह कैसे काम करता है?
On-Grid Solar System वह सोलर सिस्टम होता है जो सीधे सरकारी बिजली ग्रिड से जुड़ा रहता है। इस सिस्टम में सोलर पैनल सूरज की रोशनी से बिजली बनाते हैं और उसे इन्वर्टर के जरिए आपके घर में सप्लाई किया जाता है। अगर दिन में आपकी जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है तो वह अतिरिक्त बिजली नेट मीटर के जरिए ग्रिड में चली जाती है। रात के समय या कम धूप होने पर आप ग्रिड से बिजली इस्तेमाल करते हैं। इस सिस्टम में बैटरी नहीं होती, इसलिए इसकी शुरुआती लागत कम रहती है और मेंटेनेंस भी बेहद आसान होता है।
2kW सोलर सिस्टम रोज कितनी बिजली बनाता है और कौन से पैनल लगाने चाहिए?
भारत की जलवायु को देखते हुए 2kW का On-Grid सोलर सिस्टम औसतन रोजाना 8 से 10 यूनिट बिजली पैदा करता है। यानी महीने में लगभग 240 से 300 यूनिट और साल भर में 3,000 यूनिट तक बिजली बनाई जा सकती है। यह प्रोडक्शन आपके शहर, धूप की उपलब्धता और रूफ की दिशा पर निर्भर करता है।
जहां तक पैनल साइज की बात है तो आजकल बड़े वॉटेज वाले पैनल ज्यादा फायदेमंद माने जाते हैं। Loom Solar के 2kW सिस्टम में आमतौर पर 4 से 6 हाई-एफिशिएंसी मोनोक्रिस्टलाइन पैनल लगाए जाते हैं। बड़े पैनल लगाने से रूफ पर कम जगह लगती है और इंस्टॉलेशन भी आसान हो जाता है। यह सिस्टम लगभग 200 स्क्वायर फीट छत की जगह में आराम से फिट हो जाता है।
Loom Solar का अनुभव, क्वालिटी और सिस्टम के मुख्य कंपोनेंट्स
Loom Solar भारत का एक प्रमुख सोलर ब्रांड है, जो पिछले कई वर्षों से सोलर पैनल और रूफटॉप सोलर सॉल्यूशंस बना रहा है। कंपनी पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ पर फोकस करती है और उनके पैनल हाई-एफिशिएंसी मोनोक्रिस्टलाइन टेक्नोलॉजी पर आधारित होते हैं जो कम रोशनी में भी बेहतर आउटपुट देते हैं। Loom Solar अपने पैनल्स पर 25 साल की परफॉर्मेंस वारंटी देता है, जिससे यह एक लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट बन जाता है।
Loom Solar के 2kW On-Grid सोलर सिस्टम में कई जरूरी कंपोनेंट्स शामिल होते हैं, जो सिस्टम को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाते हैं। नीचे दी गई टेबल में इन मुख्य कंपोनेंट्स की जानकारी दी गई है।
| कंपोनेंट | विवरण |
| सोलर पैनल | 4-6 मोनोक्रिस्टलाइन पैनल (कुल 2kW), जो सूरज की रोशनी से DC पावर बनाते हैं |
| सोलर इन्वर्टर | DC बिजली को AC में बदलता है और ग्रिड से सिंक करता है |
| माउंटिंग स्ट्रक्चर | एल्युमिनियम या GI से बनी मजबूत स्ट्रक्चर |
| वायरिंग व सेफ्टी | DC/AC वायर, DCDB, ACDB, अर्थिंग और लाइटनिंग अरेस्टर |
| मीटर | नेट मीटर और सोलर मीटर, जो एक्स्ट्रा बिजली को रिकॉर्ड करते हैं |
कीमत, सब्सिडी और 2kW सिस्टम से चलने वाले उपकरण
मार्केट में Loom Solar का On-Grid 2kW सोलर सिस्टम लगाने की कुल कीमत लगभग 1 लाख रुपये के आसपास होती है। लेकिन अगर आप इसे केंद्र सरकार की पीएम सूर्यघर योजना के तहत लगवाते हैं तो आपको सीधे 60,000 रुपये की सब्सिडी मिलती है। इस तरह आपकी जेब से सिर्फ लगभग 40,000 रुपये का खर्च आता है।
इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, दिल्ली और उत्तराखंड जैसे कई राज्य इसी योजना के तहत 15 से 20 प्रतिशत तक की अतिरिक्त सब्सिडी भी देते हैं। राज्य सब्सिडी मिलने के बाद यह सिस्टम 40,000 रुपये से भी कम लागत में लग सकता है जो इसे बेहद किफायती बना देता है।
2kW का Loom Solar सिस्टम एक सामान्य घर के लगभग सभी बेसिक उपकरण आराम से चला सकता है। इसमें 4-5 LED बल्ब, 3-4 पंखे, 2 कूलर, फ्रिज, टीवी, लैपटॉप और 0.5 HP का वॉटर पंप आसानी से शामिल हैं। सही इस्तेमाल और दिन में अधिक खपत करने की आदत से आपका बिजली बिल लगभग शून्य तक आ सकता है। कुल मिलाकर Loom Solar का 2kW On-Grid सोलर सिस्टम कम बजट में लंबी अवधि की बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक स्मार्ट कदम है।
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